Data Recovery Software

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हेल्लो दोस्तों स्वागत है आपका हमारी इस वेबसाइट में और आज के टॉपिक में हम आपको बतायेंगे की मोबाइल फोन या कंप्यूटर या फिर कोई भी स्टोरेज डिवाइसेस इनमे से कोई भी उपकरण में से यदि आपका कोई डाटा डिलीट हो गया है तो आप उसे वापस फ्री में केसे रिस्टोर करे , जी हां दोस्तों यह बिलकुल सच है की आप अपने डिलीट हो चुके डाटा जेसे फोटो , Mp3 गाने , video फाइल , आदि को वापस अपने फ़ोन या कंप्यूटर में ला सकते है.

तो आइये दोस्तों जानते है उस फ्री सॉफ्टवेर के बारे में जिनकी मदद से हम अपने डिलीट हो चुके डाटा को वापस रिस्टोर करेंगे जी हां दोस्तों उस सॉफ्टवेर का नाम Recuva है  Recuva सॉफ्टवेर की मदद से आप अपने डिलीट हो चुके डाटा को वापस ला सकते है  Recuva Software को डाउनलोड करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे Download Recuva Software For PC Free .

दोस्तों Recuva Software को डाउनलोड करने के बाद उसे ओपन करे जिससे आपके सामने एक नई विंडो ओपन होगी जेसा की फोटो में दिखाई दे रहा है
यह विंडो ओपन होने के बाद में आप उस फाइल का चयन करे जिसे आप वापस रिकवर करना चाहते है या फिर All बटन पर क्लिक करके Next बटन पर क्लिक करे Next बटन पर क्लिक करने के आपके सामने एक और विंडो ओपन होगी जिसमे आपको निम्न स्टेप फॉलो करने है जेसे की फोटो में दिखाई दे रहा है .
इस विंडो में आपको उस जगह का चयन करना है जिसमे से आपके डाटा डिलीट हुए है जेसे मेमोरी कार्ड ,पैन ड्राइव ,कंप्यूटर हार्ड ड्राइव आदि लोकेशन का चयन करने के बाद में निचे दिए गए Next बटन पर क्लिक करे जेसे ही आप Next बटन पर क्लिक करेंगे तो आपके सामने एक और नयी विंडो ओपन होगी जेसा की निचे फोटो में दिखाई दे रहा है .
 इस विंडो में आपको एक रेडिओ बटन दिखाई देगा जिसके आगे एक नाम लिखा होगा (Enable Deep Scan) आपको इस ओपसन को ओन करना है ताकि आपकी डिलीट हो चुकी फाइलें गहराई से खोजी जा सके ओपसन को ओन करने के बाद में आपको निचे दिए गए Start बटन पर क्लिक करना है Start बटन पर क्लिक करने के बाद में Recuva Software आपकी डिलीट हुई फईलो को स्कैन करना सुरु करेगा जेसे की निचे फोटो में दिखाई दे रहा है .
इस विंडो में Recuva Software तीन तरीके से आपकी फाईलो को स्कैन करेगा इसमें कम से कम एक घंटे का समय भी लग सकता है यह समय आपकी स्टोरेज डिवाइसेस की मेमोरी पर निर्भर करता है जितनी ज्यादा आपकी स्टोरेज डिवाइसेस की मेमोरी होगी यह उतना ही ज्यादा समय स्कैन करने में लगाएगा स्कैनिंग पूरी होने के बाद में आपके सामने एक और विंडो ओपन होगी जेसा की फोटो में दिखाई दे रहा है .
इस विंडो में आपको दो तरीके के चिह्न दिखाई दे रहे होंगे जिसमे एक का कलर हरा है और एक का कलर लाल है जिनका कलर लाल है वोह फाइल अधूरी है वोह पूरी तरीके से रिकवर नही हो पायी है और जिनका कलर हरा है वोह पूरी रिकवर हो चुकी है आप हरे रंग वाली फाइल के आगे बने रेडिओ बटन पर क्लिक करके निचे दिए गये Recover बटन पर क्लिक करे Recover बटन पर क्लिक करने के बाद में आपके सामने एक और विंडो खुलेगी जो कुछ इस प्रकार होगी .
इस विंडो में आपको उस ड्राइव का चयन करना है जहा पर आप रिकवर हो चुकी फईलो को फिर से दुबारा डाउनलोड करना चाहते है ड्राइव का चयन करने के बाद में निचे दिए गये Ok बटन पर क्लिक करे और यह कुछ स्टेप्स फॉलो करने के बाद में आपकी डिलीट हो चुकी फाईलो को आप वापस ला सकते है .

निष्कर्स

दोस्तों आशा करते है की आपको हमारे द्वारा दी गयी यह जानकारी बहुत पसंद आई होगी यदि आपको यह जनकारी पसंद आई हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे और हा दोस्तों आपको Recuva Software में Data Recover करने में कोई परेसानी हो रही है तो आप हमे कमेंट करे हम आपकी जरुर सहायता करेंगे
धन्यवाद 
Types Of Voucher In Tally

Types Of Voucher In Tally

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Some Category  "Tally ERP 9" , "Tally" ,"Tally Notes" , "Vouchers In Tally" ,"Tally Entry" ,"Order" ,"Voucher" ,"Loans" ,"Finace"
हेल्लो दोस्तों Tally With GST In Hindi में आपका स्वागत है दोस्तों आज के इस टॉपिक में हम आपको बतायेंगे की टैली में वाउचर कितने और कोन कोनसे होते है क्योंकि दोस्तों टैली में कोई भी एंट्री करने के लिए कई प्रकार के वाउचर टैली कंपनी के द्वारा बनाये हुए है और हम अपनी आवश्यकता के अनुसार भी टैली में वाउचर बना सकते है तो आइये जानते है टैली में वाउचर कितने प्रकार के होते है ---

टैली में मुख्यतः टैली कंपनी द्वारा बनाये हुए आठ वाउचर होते है जिनका उपयोग उपयोगकर्ता सबसे ज्यादा करता है क्योकि जब टैली में किसी भी व्यवसाय को व्यवस्थित किया जाता है तो सबसे ज्यदा इन्ही आठ वाउचर का उपयोग किया जाता है दोस्तों यह आठ प्रकार के वाउचर निम्नलिखित है ---

(1.) Contra Voucher - दोस्तों कॉण्ट्रा वाउचर में एंट्री तब करते है जब हम कोई बैंक से लें देन करते है कॉण्ट्रा वाउचर में केवल बैंक से बैंक या फिर नगद से बैंक या फिर बैंक से नगद एंट्री ही क्र सकते है इसके अलावा कोई भी एंट्री हम कॉण्ट्रा वाउचर में नहीं कर सकते इसकी कीबोर्ड शॉर्टकट कुंजी F4 है.
(2.) Payment Voucher - पेमेंट वाउचर में एंट्री तब की जाती है जब हम किसी चीज का किसी को भुगतान करते है चाहे वोह भुगतान बैंक से हो या फिर नगद इसके अलावा कोई भी एंट्री हम पेमेंट वाउचर में नहीं कर सकते पेमेंट वाउचर की कीबोर्ड शॉर्टकट कुंजी F5 होती है .
(3.) Receipt Voucher - रिसीप्ट  वाउचर में एंट्री तब की जाती है जब हम किसी चीज का  भुगतान प्राप्त करते है चाहे वोह भुगतान बैंक से प्राप्त हो या फिर नगद इसके अलावा कोई भी एंट्री हम रिसीप्ट  वाउचर में नहीं कर सकते रिसीप्ट  वाउचर की कीबोर्ड शॉर्टकट कुंजी F6 होती है .
(4.) Journal Voucher - जर्नल वाउचर में एंट्री तब करते है जब किसी भी प्रकार का डिस्काउंट प्राप्त करते है  फिर किसी भी प्रकार का कोई बैलेंस बराबर करना हो तो जर्नल वाउचर में ही एंट्री करते है जर्नल वाउचर की शॉर्टकट कुंजी F7 होती है .
(5.) Sales Voucher - सेल्स वाउचर में एंट्री तब की जाती है जब हम किसी को नगद में या फिर उधार में माल बेचते है या फिर कोई सेवा बेचते है इसके अलावा सेल्स वाउचर में कोई एंट्री नहीं की जाती सेल्स वाउचर की शॉर्टकट कुंजी F8 होती है .
(6.) Purchase Voucher - परचेस  वाउचर में एंट्री तब की जाती है जब हम किसी से नगद में या फिर उधार में माल खरीदते है या फिर कोई सेवा खरीदते  है इसके अलावा परचेस  वाउचर में कोई एंट्री नहीं की जाती परचेस  वाउचर की शॉर्टकट कुंजी F9  होती है .
(7.) Credit Note Voucher - क्रेडिट नोट वाउचर में एंट्री तब की जाती है जब किसी को बेचा हुआ माल वापस आता है तो उसकी एंट्री हम क्रेडिट नोट वाउचर में करते है इसके अलावा कोई भी एंट्री क्रेडिट नोट वाउचर में नहीं की जाती क्रेडिट नोट वाउचर में एंट्री करने की शॉर्टकट कुंजी CTRL+F8 होती है
(8.) Debit Note Voucher -  डेबिट  नोट वाउचर में एंट्री तब की जाती है जब किसी से ख़रीदा हुआ माल वापस देते  है तो उसकी एंट्री हम डेबिट नोट वाउचर में करते है इसके अलावा कोई भी एंट्री डेबिट  नोट वाउचर में नहीं की जाती डेबिट नोट वाउचर में एंट्री करने की शॉर्टकट कुंजी CTRL+F9 होती है

निष्कर्ष :

आज इस पोस्ट के माध्यम से आपने जाना की टैली में वाउचर कितने और कोन कोनसे होते है  आशा करते है की आपको अब पता चल गया होगा की टैली में वाउचर कितने और कोन कोनसे होते है .
दोस्तों इस पोस्ट की जानकरी आप अपने सारे दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे जिससे और भी लोगो तक यह जानकारी पहुचे और दोस्तों आपको यदि इस पोस्ट में कोई परेशानी आई हो तो आप हमे कमेंट करे हम आपकी जरुर सहायता करेंगे
धन्यवाद
Contra Entry In Tally

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हेल्लो दोस्तों Tally With GST  में आपका स्वागत है आज इस पोस्ट में हम जानेंगे की टैली में Contra Entry केसे करते है है दोस्तों यदि आप Contra Entry के बारे में बारीकी से जानना चाहते हो तो आप यह पोस्ट बिलकुल सही पढ़ रहे हो क्योकि हम आपको बताएँगे की आखिर टैली में Contra Entry केसे करते है तो आइये जानते है

दोस्तों टैली में Contra Entry करने से पहले हम यह जान लेते है की टैली में Contra Entry क्यों करते है तो आइये जानते है 

दोस्तों Contra वाउचर में केवल बैंक से संबंधीत एंट्री ही की जाती है उदाहरण के लिए मान लीजिये आपने बैंक से नगद रुपैये निकाले है या कोई चैक जमा करवाया है या फिर नगद जमा करवाए है तो या फिर एक बैंक से किसी दूसरी बैंक में नगद जमा करवाए है तो contra वाउचर में ही एंट्री करते है 
निचे दिए गए निम्नलिखित लेन देन होने पर कॉण्ट्रा वाउचर में एंट्री करेंगे ---

CASH TO CASH
CASH TO BANK 
BANK TO CASH
BANK TO BANK


आइये जानते है टैली में कॉण्ट्रा एंट्री केसे करे
दोस्तों टैली में कॉण्ट्रा एंट्री करने के लिए हम निम्न स्टेप फोल्लो करेंगे
CREATE COMPANY  (कंपनी बनाना ) - दोस्तों टैली में क्या किसी भी एकाउंटिंग सोफ्टवेयर में काम करने के लिए हमे सबसे पहले कंपनी बनाने की आवश्यकता होती है
दोस्तों जेसे ही आप कंप्यूटर की स्क्रीन पर बने टैली के आइकॉन पर क्लिक करेंगे तो आपके सामने एक एक एसी  विंडो खुलेगी जेसा की फोटू में दिखाई दे रहा है

(1.) Select Company - दोस्तों यदि टैली में आपकी पहले से कोई कंपनी बनाई हुई है तो आपके सामने Select Company का ओपसन दिखाई देगा इसकी कीबोर्ड शोर्ट कट कुंजी S है
(2.) Create Company - दोस्तों यदि टैली में आपकी पहले से कोई कंपनी नहीं बनाई हुई है तो आपके सामने Create Company  का ओपसन दिखाई देगा इसकी कीबोर्ड शोर्ट कट कुंजी C है
कंपनी सलेक्ट करने के बाद में उसे ओपन करे कंपनी ओपन करने के बाद में आप टैली के Gate Way Of Tally में पहुच जायेंगे दोस्तों वेसे देखा जाये तो Gate Way Of Tally टैली का होमपेज है कंपनी से संबंधीत सारे काम हम यही करते है इसलिए इसे टैली का होम पेज कहा जाता है

Gateway Of Tally में आने के बाद आपको Transactions में जाना है वहा आपको दो ओपसन मिलेंगे (Ⅰ). Accounting Vouchers (Ⅱ). Inventory Voucher .
 (Ⅰ). Accounting Vouchers - दोस्तों इस सेक्शन के द्वारा केवल एकाउंट्स से संबंधीत एंट्री ही की जाती है जेसे सेल्स वाउचर , परचेस वाउचर , कॉण्ट्रा वाउचर , पेमेंट वाउचर , रिसीप्ट वाउचर , जनरल वाउचर क्रेडिट नोट वाउचर , डेबिट नोट वाउचर आदि एंट्री इस सेक्शन में ही की जाती है इसकी कीबोर्ड शॉर्टकट कुंजी V है .
(Ⅱ). Inventory Voucher - दोस्तों इस सेक्शन के द्वारा केवल इन्वेंटरी से संबंधीत एंट्री की जाती है जेसे स्टॉक जनरल , फिजिकल स्टॉक आदि इसकी कीबोर्ड शॉर्टकट कुंजी T है .
दोस्तों जेसे ही आप Accounting Voucher में क्लिक करते है या फिर कीबोर्ड से V कुंजी प्रेस करेंगे तो आपके सामने वाउचर एंट्री करने की स्क्रीन खुल जाएगी जेसा की इमेज में दिखाई दे रहा है

दोस्तों वाउचर एंट्री स्क्रीन में आने के बाद में आपको कीबोर्ड से F4 कुंजी प्रेस करनी होगी जिससे कोउन्त्र वाउचर खुल जायेगा जिसमे आपको एंट्री निम्न प्रकार करनी होगी
(1.) सबसे पहले आपको वाउचर नंबर डालना होगा यदि आप वाउचर नंबर ऑटोमेटिक ले रहे है तो आपको वाउचर नंबर डालने की आवश्यकता नहीं होगी वाउचर नंबर ऑटोमेटिक या मेनुअल रखना है इस ओपसन को आप Accounts Info में जाकर Types Of Voucher ओपसन में जाकर कॉण्ट्रा वाउचर को Alter करके इनेबल कर  सकते है .
(2.) वाउचर नंबर डालने के बाद में आपको Date डालनी होगी  इस ओपसन को भी आप Accounts Info में जाकर Types Of Voucher ओपसन में जाकर कॉण्ट्रा वाउचर को Alter करके इनेबल और डिसएबल कर  सकते है .
(3.) डेट डालने के बाद में आपको जिस अकाउंट को डेबिट करना है जेसे बैंक या कैश दोनों में से एक अकाउंट को सेलेक्ट करना है फिर इंटर प्रेस करे
(4.) एक अकाउंट को डेबिट करने के बाद में आपको एक अकाउंट को क्रेडिट करना होगा जिससे आपका अमाउंट बराबर होगा
(5.) क्रेडिट किये गये खाते में अपनी अमाउंट डाले
(6.) सब कुछ सही तरीके से करने के बाद में अपना विवरण लिखे

कॉण्ट्रा वाउचर में जब आप बैंक में रुपैये जमा करवाते हो तो आपके सामने Denomination स्क्रीन दिखाई देगी इसमें आप जमा करवाए गये रुपियो के लिए Denomination सेट करेंगे यह बैंक में पेसे जमा करवाने वाली पर्ची के सामान ही होती है जेसा की आप इमेज में देख रहे हो


दोस्तों ध्यान रहे कॉण्ट्रा वाउचर में पहली एंट्री हमेसा Cr. होगी और दूसरी एंट्री Cr.या Dr. दोनों हो सकती है कॉण्ट्रा वाउचर में केवल बैंक और कैश से संबंधीत एंट्री होगी कैश और बैंक के अलावा कोई भी एंट्री कॉण्ट्रा वाउचर में दिखाई नहीं देगी
दोस्तों आपको कुछ कॉण्ट्रा एंट्री के उदाहरण निचे दिए जा रहे है

प्रश्न 1. SBI बैंक में 10000 रुपैये जमा करवाए
कॉण्ट्रा एंट्री  -
 SBI  Bank   A/c  Dr.    10000

                                To   Cash A/c                10000



प्रश्न 2. कंपनी में अपने खुद के खर्चे के लिए 10000 रुपैये SBI बैंक से निकलवाए
कॉण्ट्रा एंट्री -
  Cash A/c    Dr.    10000

                                To   SBI  Bank   A/c       10000


निष्कर्ष :

आज इस पोस्ट के माध्यम से आपने जाना की टैली में कॉण्ट्रा एंट्री केसे करते है  आशा करते है की आपको कॉण्ट्रा एंट्री के बारे में अछे से समझ में आ गया होगा .
दोस्तों इस पोस्ट की जानकरी आप अपने सारे दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे जिससे और भी लोगो तक यह जानकारी पहुचे और दोस्तों आपको यदि इस पोस्ट में कोई परेशानी आई हो तो आप हमे कमेंट करे हम आपकी जरुर सहायता करेंगे
धन्यवाद


What Is Notepad / नोटपैड क्या है? What Is Word Pad / वर्डपैड क्या है? आइये जानते है

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"Computer"
हेल्लो दोस्तों Tally With GST In Hindi में आपका स्वागत है दोस्तों आज के इस टॉपिक में हम आपको बतायेंगे की टैली में वाउचर कितने और कोन कोनसे होते है क्योंकि दोस्तों टैली में कोई भी एंट्री करने के लिए कई प्रकार के वाउचर टैली कंपनी के द्वारा बनाये हुए है और हम अपनी आवश्यकता के अनुसार भी टैली में वाउचर बना सकते है तो आइये जानते है टैली में वाउचर कितने प्रकार के होते है ---

हेल्लो दोस्तों Tally With GST  में आपका स्वागत है आज इस पोस्ट में हम जानेंगे की नोटपैड क्या होता है और क्या क्या काम आता है दोस्तों यदि आप नोटपैड के बारे में बारीकी से जानना चाहते हो तो आप यह पोस्ट बिलकुल सही पढ़ रहे हो क्योकि हम आपको बताएँगे की आखिर नोटपैड होता क्या है और किस काम आता है तो आइये जानते है .

दोस्तों नोटपैड विंडोज का एक छोटा सा एप्लीकेशन प्रोग्राम है इसे विंडोज का टेक्स्ट एडिटर कहा जाता है कंप्यूटर में यूजर इसके द्वारा एक छोटी सी टेक्स्ट फाइल बना सकता है यह कई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के लिए एडिटर का कार्य भी करता है इस प्रोग्राम में फाइल का एक्सटेंशन .txt होता है यह प्रोग्राम सामान्य एडिटिंग कमांड तो प्रदान करता ही है पर इसके साथ ही सहायक कमांड फाइंड तथा रिप्लेस भी  प्रदान करता है


⚫आइये जानते है कंप्यूटर में नोटपैड को ओपन केसे करे ---

   दोस्तों कंप्यूटर में नोटपैड को ओपन करने के लिए हम निम्न स्टेप्स फॉलो करेंगे सबसे पहले माउस कर्सर से स्टार्ट मेनू पर लेफ्ट  बटन से क्लिक करे फिर आपके सामने एक विंडो ओपन होगी जिसमे से आपको All Programs पर लेफ्ट क्लिक करना है  All Programs पर लेफ्ट क्लिक  के बाद अआपके सामने एक और विंडो ओपन होगी इ आपको Accessories पर लेफ्ट क्लिक करना है फिर लास्ट  में आपको नोटपैड का आप्शन    चुनना  है नोटपैड पर लेफ्ट क्लिक करते ही आपके सामने एक एसी विंडो ओपन होगी




(1)   Notepad File Operation (नोटपैड में फ़ाइल ओपेशन) - 

   New - इस कमााण्ड की सहायता से नोटपैड में नयी फाइल बनाई जाती है जिसका नाम By Difault  "Untitled" रहता है इसके लिए कीबोर्ड की शॉर्टकट key Ctrl+N का उपयोग करेंगे .
  Open - इस कमााण्ड की सहायता से नोटपैड में पहले से बनी हुई टेक्स्ट फाइल को खोला जाता है इसके लिए कीबोर्ड की शॉर्टकट key Ctrl+O का उपयोग करेंगे .
  Save - इस कमााण्ड की सहायता से नोटपैड में नयी बनाई हुई फाइल को  सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस में स्थाई रूप से सुरक्षित रखा जाता है इसे सेव करने के लिए सेव एज डाइलोगबॉक्स में सेव इन स्थान पर डाइरेक्टरी चुने और फाइल नाम बॉक्स में फाइल का नाम लिखकर Save बटन पर क्लिक करे . सेव की गयी फाइल का एक्सटेंशन .txt होता है इसके लिए कीबोर्ड की शॉर्टकट key Ctrl+S का उपयोग करेंगे .
  Save As - इस कमााण्ड की सहायता से नोटपैड में पहले से सेव की हुई फाइल को किसी दुसरे नाम या एक्सटेंशन से दुबारा सेव कर सकते है और फाइल की लोकेशन भी बदल सकते है और हा दोस्तों फाइल को इस तरह दुबारा से सेव सज करने से फहले से बनी फाइल में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं आएगा .
  Page Setup -  इस कमााण्ड की सहायता से नोटपैड में प्रिंट करने वली फाइल को पहले से preview देख के अपने हिसाब से पेज सेटअप कर सकते है जेसा की इमेज में शो हो रहा है 



दोस्तों पेज सेटअप की प्रकिर्या को आप निम्न प्रकार से सेट कर सकते है जेसे ---
(Ⅰ) Paper Size - नोटपैड के पेज सेटअप की इस विंडो कि सहायता से हम पेपर की साइज़ सेट कर सकते है जेसे Latter , A3 , A4 , A5, B1 , B2,आदि  वेसे देखा जाये तो सबसे ज्यादा A4 और Latter Paper साइज़ का उपयोग ही किय जाता है बाकी आप अपनी आवश्यकता के अनुसार पेपर साइज़ सेट कर सकते हो .
(Ⅱ) Orientation - इस ओपसन की सहायता से पेज का उन्मुखिक्र्ण सेट करते है यानि पेज को Portrait रूप में टी करना है या landscape रूप में  प्रिंट करना है और साथ ही हम पेज का दाया बाया और उपर निचे का मार्जिन भी सेट कर सकते है .
(Ⅲ) Header - इस ओपसन के द्वारा हम पेज के उपरी हिस्से में कुछ कंटेंट को फिक्स कर सकते है
(Ⅳ) Footer - इस ओपसन से द्वारा हम पेज के निचले हिस्से में कुछ कंटेंट को फिक्स कर सकते है

  Print - इस कमााण्ड की सहायता से नोटपैड में किसी भी फाइल को आउटपुट डिवाइस के द्वारा प्रिंट प्रप्त कर सकते है 

  Exit - इस कमााण्ड की सहायता से नोटपैड को बंद किया जाता है 

(2) Notepad Edit Operation (नोटपैड में एडिट  ओपेशन) - 

Undo - नोटपैड की इस कमांड का उपयोग किसी भी फाइल में कट कॉपी या पेस्ट किये हुए डाटा को वापस रिसेट करने करने के लिए किया जाता है इसके लिए कि-बोर्ड की शॉर्टकट key CTRL+Z का प्रयोग किया जाता है 
Cut - इस कमांड का उपयोग सलेक्ट किये गये टेक्स्ट को हटाकर क्लिपबोर्ड में रखने के लिए किया जाता है इसके लिए कि-बोर्ड की शॉर्टकट key CTRL+X का प्रयोग किया जाता है 
Copy इस कमांड का उपयोग सलेक्ट किये गये टेक्स्ट को कॉपी करके  क्लिपबोर्ड में रखने के लिए किया जाता है इसके लिए कि-बोर्ड की शॉर्टकट key CTRL+C का प्रयोग किया जाता है 
Paste - इस कमांड का उपयोग क्लिपबोर्ड में रखे हुए टेक्स्ट को फाइल में कर्सर के स्थान पर लाने के लिए किया जाता है इसके लिए कि-बोर्ड की शॉर्टकट key CTRL+V का प्रयोग किया जाता है 
Delete -  इस कमांड का उपयोग सलेक्ट किये हुए टेक्स्ट को डिलीट करने के लिए किया जाता है  इसके लिए कि-बोर्ड की शॉर्टकट key Delete का प्रयोग किया जाता है 
Find -  इस कमांड का उपयोग फाइल में से किसी भी वर्ड या करेक्टर को खोजने के लिए किया जाता है इसके लिए कि-बोर्ड की शॉर्टकट key CTRL+F का प्रयोग किया जाता है 
Find Next - इस कमांड का उपयोग फाइल में से किसी भी सैम वर्ड या करेक्टर को बार बार खोजने के लिए किया जाता है इसके लिए कि-बोर्ड की शॉर्टकट key F3 का प्रयोग किया जाता है 
Replace - इस कमांड की सहायता से किसी भी फाइल में किसी एक वर्ड की जगह दुसरे वर्ड को लगा सकते है 
Select All - इस कमांड की सहायता से किसी भी फाइल में सभी टेक्स्ट को एक साथ सलेक्ट करने के लिए किया जाता है इसके लिए कि-बोर्ड की शॉर्टकट key CTRL+A का प्रयोग किया जाता है 
Time/Date - इस कमांड की सहायता से किसी भी फाइल में डेट और टाइम डालने के लिए किया जाता है इसके लिए कि-बोर्ड की शॉर्टकट key F5 का प्रयोग किया जाता है  

(3)Notepad Format Operation (नोटपैड में फोर्मेट ओपेशन) -
 Word Wrap - इस कमांड की सहायता से टेक्स्ट को विंडो के आकर के अनुरूप Wrap करने में किया जाता है Edit Menu Ward/Wrap को क्लिक करने से पूरा टेक्स्ट कंप्यूटर की पूरी स्क्रीन पर दीखता है .
Set Font - इस कमांड की सहायता से नोटपैड में छपने वाले अक्षरों को डिजाईन किया जाता है .

(4)Notepad View Operation (नोटपैड में व्यू ओपेशन) -
Status Bar - इस कमांड का उपयोग करने के लिए आपको पहले Format मेनू के word wrap ओपसन को बंद करना होगा क्यों की यह word wrap के बिलकुल विपरीत काम करता है

(5)Notepad Help Operation (नोटपैड में हेल्प ओपेशन) -
View Help - इस कमांड की सहायता से आप नोटपैड में कोई भी हेल्प ले सकते हो इसके लिए आपके कंप्यूटर में इन्टरनेट चालू होना आवश्यक है
About Notepad - इस कमांड की सहायता से आप नोटपैड के बारे में जान सकते हो जेसे Version, Extension, Developer Name आदि .

 What Is Word Pad / वर्डपैड क्या है? आइये जानते है नोटपैड और वर्डपैड में अंतर 

दोस्तों वेसे देखा जाये तो वर्डपैड और नोटपैड में कोई ज्यादा अंतर नहीं है लेकिन कुछ एडवांस फंक्शन इसमें ऐड करने के कारण इसे नोटपैड से अलग माना जाता है यह एक word प्रोसेसिंग पैकेज है जो की विंडो के साथ आता है इसका उपयोग फाइल को बनाने तथा एडिट करने और सम्भालने के लिए किया जाता है इसके अंदर Formatting करने की सुविधा भी उपलब्ध होती है वर्डपैड का फाइल एक्सटेंशन नाम .rtf होता है.

दोस्तों कंप्यूटर में वर्डपैड  को ओपन करने के लिए हम निम्न स्टेप्स फॉलो करेंगे सबसे पहले माउस कर्सर से स्टार्ट मेनू पर लेफ्ट  बटन से क्लिक करे फिर आपके सामने एक विंडो ओपन होगी जिसमे से आपको All Programs पर लेफ्ट क्लिक करना है  All Programs पर लेफ्ट क्लिक  के बाद अआपके सामने एक और विंडो ओपन होगी इ आपको Accessories पर लेफ्ट क्लिक करना है फिर लास्ट  में आपको वर्डपैड  का आप्शन    चुनना  है वर्डपैड पर लेफ्ट क्लिक करते ही आपके सामने एक एसी विंडो ओपन होगी


दोस्तों वर्डपैड के होमपेज को दो भागो में विभाजित किया गया है जो निम्न प्रकार है  (1). WordPad Start Button(2)Home रिबन बटन (3)View रिबन बटन   

(1).WordPad Start Button - वर्डपैड के इस फंक्शन के अंदर New,Open,Save,Save as, Print,Page Setup ,Send Email, About word pad ,Exit ओपसन को सामिल किया गया है  जिनके बारे में पहले ही आपको नोटपैड के फाइल मेनू में बता चूका हु लेकिन इसमें एक ओपसन ज्यादा है Send Email इस ओपसन के द्वारा हम किसी भी फाइल को किसी किसी दूसरी जगह पर भेज सकते है 

(2).Home रिबन बटन - word ped होम रिबन बटन को मुख्यत पांच भागो में बांटा गया है जो निम्न प्रकार है

(A).Clipboard - इस फंक्शन की सहायता से हम किसी भी टेक्स्ट को कट कॉपी या पेस्ट कर सकते है टेक्स्ट को कट कॉपी और पेस्ट करने का तरीका वर्डपैड में सेम नोटपैड की तरह ही है
(B). Font - इस फंक्शन की सहायता से हम किसी भी टेक्स्ट या प्रेग्राफ को डिजाईन क्र सकते है फॉण्ट की साइज़ छोटी या बड़ी क्र सकते है अलग अलग प्रकार की फॉण्ट स्टायल उपयोग में ले सकते है और भी कई प्रकार की टेक्स्ट फोर्मेटिंग कर सकते है
(C). Paragraph - इस फंक्शन की सहायता से वर्डपैड में किसी भी प्रग्राफ को दांयी बांयी या बीच में अपने हिसाब से सेट क्र सकते है
(D). Insert - इस फंक्शन की सहायता से पेरेग्राफ में हम कोई भी फाइल डाल सकते है जेसे फोटो पेंटिंग डेट और टाइम आदि दाल सकते है
(E). Editing - इस फंक्शन की सहायता से किसी टेक्स्ट या किसी वर्ड को खोजा जा सकता है और किसी दुरे टेक्स्ट को उसकी जगह पर रिप्लेस किया जा सकता है

(3). View रिबन बटन - इस बटन को मुख्यत तीन भागो में बांटा गया है जेसा की फोटो में दिखाया गया है


(A). Zoom -इस बटन की सहायता से किसी भी प्रेगाफ को बड़ा और छोटा करके देख सकते है
(B). Show or Hide - इस फंक्शन की सहायता से रूलर बार को दिखाया और छुपाया जा सकता है
(C). Setting - इस फंक्शन की सहायता से प्रग्राफ की सेटिंग की जा सकती है

निष्कर्ष :

आज इस पोस्ट के माध्यम से आपने जाना की कंप्यूटर में नोटपैड और वर्डपैड  क्या होता है और यह किस प्रकार काम करता है आशा करते है की आपको नोटपैड और वर्डपैड  सिस्टम के बारे में अछे से समझ में आ गया होगा .
दोस्तों इस पोस्ट की जानकरी आप अपने सारे दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे जिससे और भी लोगो तक यह जानकारी पहुचे और दोस्तों आपको यदि इस पोस्ट में कोई परेशानी आई हो तो आप हमे कमेंट करे हम आपकी जरुर सहायता करेंगे
धन्यवाद 
Input And Output Devices Computer

Input And Output Devices Computer

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"computer"
हेल्लो दोस्तों Tally With GST  में आपका स्वागत है आज इस पोस्ट में हम जानेंगे की कंप्यूटर में इनपुट और आउटपुट सिस्टम  क्या होता है और क्या क्या काम आता है दोस्तों यदि आप कंप्यूटर में इनपुट और आउटपुट सिस्टम के बारे में बारीकी से जानना चाहते हो तो आप यह पोस्ट बिलकुल सही पढ़ रहे हो क्योकि हम आपको बताएँगे की आखिर कंप्यूटर में इनपुट और आउटपुट सिस्टम होता क्या है और किस काम आता है तो आइये जानते है .

दोस्तों कंप्यूटर में सूचनाये इसलिए प्राप्त की जाती है की सही निर्णय किया जा सके ! कंप्यूटर से सुचना प्राप्त करने का पहला पद है की कंप्यूटर में डाटा व् निर्देसो को सही ढंग से व लाजिक कर्म को ध्यान में रखकर कंप्यूटर में रखा जाये ! सभी सूचनाओ को प्रोग्राम के अनुसार कंप्यूटर में भेजा जाता है !

कंप्यूटर में इनपुट उपकरणों का उपयोग डाटा व निर्देसो को कंप्यूटर में पहुछाने के लिए किया जाता है ,जबकि आउटपुट उपकरणों का उपयोग कंप्यूटर से परिणाम को प्राप्त करने के लिए किया जाता है !

इस अध्याय में हम कुछ इनपुट उपकरण ,आउटपुट उपकरण के बारे में जानेंगे तो आइये जानते है ....

1. Input Device (इनपुट उपकरण )
कंप्यूटर में इनपुट उपकरण वे उपकरण होते है जिनके द्वारा डाटा को कंप्यूटर में प्रवेस कराया जाता है कुछ मुख्य इनपुट उपकरण इस प्रकार है ...

Key-Board (की-बोर्ड )
यह उपकरण कंप्यूटर में सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाला उपकरण है ! यह टाइपराइटर के सामान ही होता है ! यह उपकरण कंप्यूटर से एक केबल के दुवारा जुड़ा होता है ! इसमें टाइपराइटर की तुलना में कुछ ज्यादा key होती है !वर्तमान में में 80 या 104 key वाले keyboard प्रचलन में है ! कंप्यूटर के keyboard में सबसे उपर दाहिनी और रोशनी देने वाले तीन इंडिकेटर  Caps Lock,Num Lockतथा Scroll Lock लगे रहते है! कीबोर्ड में मुख्य निम्न कुंजिया होती है ---

नोट टेबल को पूरी सही तरीके से देखने के लिए कृपया अपने फ़ोन को Rotate करे 

Alphabets Keys  (वर्ण कुंजिया )  
 A से Z एवं  a से
Numeric Keys    (अंक कुंजिया )
 0 से 9
 Function Keys    (कार्य कुंजिया )  
   F1 से F12
 Arrow Keys        (दिशा कुंजिया )
← ↑ → ↓
Ⅴ 
 Character Keys  (करेक्टर कुंजिया) 
 (, ), [ ,] , *, =, +,-,  /, ? , < , > , ! ,@ ,# ,$ ,% ,^ ,& ,|{ ,},
Special Keys       (विषेस कुंजिया )  
Enter ,Del, Ctrl ,Alt ,Ecs , Insert ,End ,Home,आदि 

(Ⅰ)  Alphabets Keys  (वर्ण कुंजिया )  : वर्ण कुंजियो में समस्त वर्ण निम्न प्रकार से लिखे रहते ह.
      से एवं  a से z
यदि  वर्ण का उपयोग A से Z के रूप में करना हो तो पहले  Caps Lock कुंजी को दबाते है जिससे दाहिनी और कीबोर्ड में एक लाइट जल जाती है जिसे हमे यह पता चल जाता है की Caps Lock कुंजी पूर्णतया दब गयी है . अब वर्ण की किसी भी कुंजी को दबाने पर आने वाला वर्ण से Z के रूप  में होगा . यदि लिखते हुए केवल एक वर्ण को ही बड़ा कर्ण अहो तो Shift कुंजी व वर्ण कुंजी एक साथ दबाते है
उदाहरण के लिए मान लीजिये G को बड़ा लिखना है तो Shift +g  एक साथ दबाते है जिससे G स्क्रीन पर छपता है
(Ⅱ)  Numeric Keys    (अंक कुंजिया ) : कीबोर्ड में सबसे उपर मद्यम भाग में अंक 0 से 9 तक की कुंजिया होती है यह कुंजिया निम्न प्रकार से व्यवस्थित होती है  
          
1     2     3     4     5     6     7     8     9     0

(Function Keys    (कार्य कुंजिया )   :  यह कुंजिया कुल 12 होती है तथा  F1  F2 .......F12 के रूप में उपस्थित होती है यह कुंजिया निम्न प्रकार से व्यवस्थित होती है .

F1
F2
F3
F4
F5
F6
F7
F8
F9
F10
F11
F12

इनका विभिन्न सॉफ्टवेर में अलग अलग कार्य होता है .

(Ⅳ)  Arrow Keys   (दिशा कुंजिया ) : यह कुंजिया कर्सर को गतिशील करने में काम आती है जेसे .
↑  यह कुंजी कर्सर को एक लाइन उपर ले जाने के काम आती है 
↓  यह कुंजी कर्सर को एक लाइन निचे ले जाने के काम आती है 
यह कुंजी कर्सर को एक अक्षर दाई और ले जाने के काम आती है 
 यह कुंजी कर्सर को एक अक्षर बाई और ले जाने के काम आती है

(Ⅴ )  Character Keys  (करेक्टर कुंजिया) : यह विशेष प्रकार की कुंजिया होती है जो विभिन्न चिन्हों को दरसाने में काम आती है जेसे ..
! ,@ ,# ,$ ,% ,^ ,& ,* ,( ,) ,_ ,+ ,| ,= ,- ,< ,> ,? ,: ," ,{ ,} ,[ ,] , ; ,' ,/ 

(Ⅵ)  Special Keys    (विषेस कुंजिया )  : कीबोर्ड की कुछ विषेस प्रकार की कुंजिया एवं उनके कार्यमन प्रकार से है जेसे ..
Enter /Return कुंजी : यह कुंजी दबाने पर कंप्यूटर को निर्देस प्रदान किये जाते है जिससे कंप्यूटर उन पर काम करता है

End कुंजी : यह कर्सर को स्क्रीन के अंत में ले जाती है 

Back Space कुंजी  : यह स्क्रीन पर से एक एक अक्षर को मिटाते हुए कर्सर को बाई और ले जाती है 

Space कुंजी  : यह कुंजी कीबोर्ड की सबसे लम्बी कुंजी होती है इसका उपयोग एक अक्षर के बराबर खली स्थान छोड़ने के लिए किया जाता है 

Del (Delete)  कुंजी : यह कुंजी कर्सर के उपर स्थित अक्षर को मिटाने के काम आती है 

Insert कुंजी : यह कुंजी दो अक्षरों की बीच में किसी दुसरे अक्षर को डालने में काम में ली जाती है 

Tab कुंजी : यह कर्सर को 5 -5 स्थान दाई  या बाई और ले जाने के काम में आती है 

Esc कुंजी  : यह कंप्यूटर को प्रोसेसिंग के दोरान रोकने के काम आती है इस कुंजी का उपयोग भी अलग अलग सॉफ्टवेर में अलग अलग तरीके से होता है 

Pause कुंजी : यह कंप्यूटर को प्रोसेसिंग के समय अस्थाई रूप से रोकने के काम आता है 

Shift कुंजी : यह संख्या में दो होती है और जिन कुंजियो में दो चिह्न अंकित होते है उनसे उपर वाला चिह्न अंकित करने के लिए इस कुंजी का उपयोग किया जाता है जेसे ..
7 नंबर वाली कुंजी के उपर & और छपा है तो यदि अकेली कुंजी को दबायेंगे तो 7 प्रिंट होगा और Shift के साथ में 7 नंबर की कुंजी को दबायेंगे तो & प्रिंट होगा

दोस्तों कीबोर्ड पांच प्रकार के होते है आइये जानते है यह पांच प्रकार कोन कोन से होते है ..

▶पारम्परिक कीबोर्ड  - दोस्तों पारम्परिक कीबोर्ड सम्मान्य कीबोर्ड होते है यह डिजाईन में आयताकार और दर्द्द होते है पारम्परिक कीबोर्ड के बारे में मेने आपको उपर विवरण में बता दिया है

▶लचीले कीबोर्ड  - दोस्तों जेसा की नाम से पता चलता ह की लचीले कीबोर्ड वे कीबोर्ड होते है जिन्हें आसानी से मोड़ा या लपेटा जा सकता है इस प्रकार का कीबोर्ड मुक्यथ मोबाइल यूजर के लिए डिजाईन किया गया है

▶ग्रोनोमिक कीबोर्ड - दोस्तों यह कीबोर्ड पारम्परिक कीबोर्ड के ही सामान होता है लेकिन यह आकर में आयताकार नहीं होते इसमें हथेली रखने के लिए एक नाम रेस्ट प्रदान किया जाता है इस प्रकार का कीबोर्ड कलाई में होने वाले दर्द से बचने के लिए डिजाईन किया गया है

▶वायरलेस कीबोर्ड  - इस प्रकार का कीबोर्ड इनपुट किये गये डाटा को वायु के माद्यम से सिस्टम यूनिट में स्थानांतरित करता है इसमें सिस्टम यूनिट से कीबोर्ड जोड़ने के लिए तारो का उपयोग नहीं किया जाता

▶पीडीए कीबोर्ड - एस प्रकार के कीबोर्ड को मुख्यत पीडीए और स्मार्ट फ़ोन द्वारा ई -मेल भेजने डोकोमेंटबनाने और अन्य कार्यो को करने के लिए डिजाईन किया गया है .

► Mouse (माउस)  
दोस्तों माउस कर्सर कंट्रोलिंग तथा पोइंटिंग उपकरण है अर्थात माउस द्वारा कंप्यूटर स्क्रीन पर कण्ट्रोल को नियंत्रित किया जाता है तथा विशेष स्थान पर पॉइंट किया जाता है माउस हतेली के आकार के सामान छोटा सा बॉक्स होता है माउस क अधिकतर प्रयोग ग्राफिकल कार्यो में किया जाता है इसके द्वारा टेक्स्ट की एडिटिंग भी की जा सकती है तथा डोकोमेंट में एक स्थान से दुसरे स्थान पर आसानी से क्लिक किया जा सकता है मुख्यत माउस तीन प्रकार के होते है आइये जानते है --

▶Optical Mouse - वर्तमान में ऑप्टिकल माउस का उपयोग सार्वधिक किया जाता है इसमें हिलाए जाने वाला कोई भी भाग नहीं होता है इसमें मौसे की गति पहचानने के लिए प्रकास का उपयोग किया जाता है ऑप्टिकल माउस का उपयोग लगभग हर सतह पर किया जाता है.

▶Mechanical Mouse - मैकेनिकल माउस की उपरी सतह पर दो या तीन बटन बने हुए होते है व निचली सतह पर एक छोटी सी बोल लगी हुई होती है जब माउस को समतल साथ पर घुमाया जाता है तो एक पॉइंटर मोनिटर स्क्रीन पर घूमता है माउस की उपरी सतह पर बने बटनों का उपयोग सामान्य कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए किया जाता है मध्यम बटन का प्रयोग डोकोमेंट को उपर या निचे करके देखने के लिए काम में लिया जाता है
▶Wireless Mouse - इसे कोद्लेस माउस भी कहते है इसमें तार की आवश्यकता नहीं होती है और इसे बैटरी से संचालित किया जाता है सिस्टम यूनिट के साथ संचार करने के लिए रेडिओ तरंगो का या इन्फ्रारेड तरंगो का उपयोग किया जाता है.

►Scanner (स्कैनर)
स्कैनिंग उपकरण वे उपकरण होते है जिनका उपयोग डाटा को स्कैन करने के लिए किया जाता है इसमें स्कैनिंग उपकरण को टेक्स्ट या इमेज पर घुमाया जाता है इससे डाटा प्रोसेस होकर सिस्टम में स्टोर हो जाता है स्कैनिंग उपकरण निम्न चार प्रकार के होते है ..

▶Optical Scanner - स्कैनर को ही ऑप्टिकल स्कैनर कहते है इसका उपयोग इमेज या हस्तलिखित टेक्स्ट को स्टोर करने के लिए किया जाता है स्कैनर द्वारा इमेज को स्कैन  करने के लिए फोटोकॉपी मशीन के सामान लेजर तकनीक का उपयोग किया जाता है स्कैन की जाने वाली सुचना किसी भी प्रकार की हो सकती है स्कैनर उस सूचना को सुधता के साथ स्कैन करके मेमोरी में स्टोर क्र देता है स्कैनर मूल रूप से दो प्रकार का होता है  एक फ्लेटबेड स्कैनर और दूसरा पोर्टेबल स्कैनर  फ्लेटबेड स्कैनर फोटोकॉपी मसीन जेसा होता है जबकि पोर्टेबल स्कैनर हाथ में पकड़ने वाला उपकरण होता है.

▶Card Reader - कार्ड रीडर का उपयोग क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के डाटा को अक्सेस करने के लिए किया जाता है क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड में मुख्यत यूजर का नाम ,पहचान संख्या ,यूजर हस्ताक्षर ,आदि होते है इसके अलावा इसमें एन्कोडेड सूचनाये भी स्टोर होती है कार्ड रीडर इन सूचनाओ को पढ लेते है इसके लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड को कार्ड रीडर में से गुजरना होता है कार्ड रीडर मूल रूप से निम्न दो प्रकार के होते है .

◆ मेग्नेटिक कार्ड रीडर 
◆ रेडिओ फ्रीक्वेंसी कार्ड रीडर 

◆ मेग्नेटिक कार्ड रीडर  - मेग्नेटिक कार्ड रीडर सार्वधिक प्रचलित कार्ड रीडर होते है जब कार्ड ,कार्ड रीडर के अंदर से गुजरता है यह कार्ड रीडर के पीछे बनी मेग्नेट पट्टी में स्टोर सूचनाओ को पढ़ लेता है .
◆ रेडिओ फ्रीक्वेंसी कार्ड रीडर  - यह कार्ड रीडर ज्यादा प्रचलन में नहीं है इसमें जब कार्ड ,कार्ड रीडर के अंदर से गुजरता है तो यह कार्ड के पीछे बनी मैगनेट पट्टी में स्टोर सूचनाओ को पढ़ लेता है इसमें कार्ड को रीडर के सम्पर्क में लाने की आवश्यकता नहीं है कार्ड में एक RFID माइक्रोचिप होता है जब कार्ड रीडर के कुछ इंच के दायरे के भीतर गुजरता है तो रीडर यूजर की सूचनाओ को पढ़ लेता है.

►Bar Code Reader  - आजकल इस उपकरण का उपयोग सबसे ज्यादा हो रहा है इस उपकरण का उपयोग पूर्व प्रिंटेडबार कोड को पढने के लिए किया जाता है बार कोड पहले से तैयार किया गया लाइनों का एक फोर्मेट होता है बार कोड रीडर इन लाइनों की संख्या इनके बीच में छोड़े गये रिक्त स्थान अदि को पढकर वस्तू की वैधता या अवेध्यता की जाँच करता है तथा वस्तु का मूल्य कंप्यूटर सिस्टम में इंटर करता है .

►MICR (Magnetic Ink Character Reader) - मेग्नेटिक इंक करेक्टर रीडर का प्रयोग विषेस फॉर्मेट तथा विषेस स्याही से लिखे हुए अक्षरों को पढने के लिए किया जाता है  इसमें अक्षरों को विषेस फॉण्ट में तथा चुम्बकीय स्याही से लिखा जाता है जब इन विषेस अक्षरों को MICR के द्वारा प्रोसेस कराया जाता है तो MICR इनकी वैद्यता तथा अवैध्यता कोई जाँच करता है . इस विधि का प्रयोग सामान्यत बैंक में चेक प्रोसेस करने के लिए किया जाता है .

►OCR (Optical Character Reader ) - यह उपकरण हाथ में पकड़ने वाला वैंड रीडर होता है इसका उपयोग मुख्यत डीपार्त्मेंटल स्टोरों में मुद्रित करेक्टरो पर प्रकास प्रवर्तित करके खुदरा कीमत टेंगो को पढने के लिए किया जाता है .
►OMR  (Optical Mark Reader) - इस उपकरण का उपयोग मुख्यत बहु विकल्प परीक्षण की जाँच करने के लिए किया जाता है यह पेंसिल के चिन्हों से उपस्थित और अनुस्थित दर्ज क्र देता है


2.Output Device (आउटपुट उपकरण ) 
आउटपुट उपकरण वे उपकरण होते है जो प्रोसेसिंग के बाद परिणाम को प्रदर्सित करते है आउटपुट उपकरण तीन प्रकार के होते है एक सॉफ्ट कॉपी दूसरा हार्ड कॉपी और तीसरा ऑडियो आउटपुट उपकरण .

► Softcopy Output Device (सॉफ्ट कॉपी आउटपुट उपकरण )  - इस श्रेणी में वे निर्गम उपकरण आते है जिसमे पॉवर बंद हो जाने पर सुचना समाप्त हो जाती है इनमे सुचना तब तक दिखाई देती है जब तक पॉवर ओंन  है  इस श्रेणी का मुख्य उपकरण मोनिटर अथार्त विजुअल डिस्प्ले यूनिट है  .
 विजुअल डिस्प्ले यूनिट कंप्यूटर से जुड़े मॉनिटर को कहा जाता है  मॉनिटर एक केबल द्वारा सीपीयू से जुड़ा होता है मॉनिटर स्क्रीन पर सूचनाओ को मेट्रिक्स के रूप में प्रदर्शित किया जाता है इसकी स्क्रीन पर फास्फोरस का लेप किया होता है .
 मॉनिटर सवार्धिक उपयोग किया जाने वाला आउटपुट उपकरण है यह टेक्स्ट  ग्राफ़िक्स ऑडियो विडियो सभी को एक समान प्रदर्शित कर सकता है आकार आकृति और लागत के आधार पर मॉनिटर अलग अलग प्रकार के होते है  सभी प्रकार के मॉनिटरो में कुछ मुलभुत विशेषताए समान होती है एक मॉनिटर की महत्वपूर्ण विशेषताए इसकी स्पष्टता प्रदर्शित तस्वीरों की गुणवता और पैनेपन को प्रदर्शित करती है मॉनिटर की विभिन्न विशेषताओं में रेजोल्यूशन डॉट पिच रिफ्रेश रेट आकार और एस्पेक्ट रेसिओ जैसी विशेषताए शामिल होती है .

   रेजोल्यूशन  - रेजोल्यूशन मोनिटर की महत्वपूर्ण विशेषताओ में से एक है  मॉनिटर पर तश्वीरे डॉट या पिक्सल  (पिक्चर एलिमेंट )की  श्रंखला द्वारा बनती है रेजोल्यूशन को इन डॉट या पिक्सल के रूप में व्यक्त किया जाता है  उदारण के लिए आजकल कई मोनिटरो में 1600 पिक्सल वाले कॉलम तथा 1200 पिक्सेल वाली रो और इस प्रकार 1920000 पिक्सेल का रेसोल्यूशन होता है मोनिटर का रेसोल्यूशन जितना अधिक होता हैनजर आने वाली तस्वीरे उतनी ही ज्यादा स्पष्ट होगी .
 ◆ डॉट पिच - डॉट पिच प्रत्येक पिक्सेल के बीच की दुरी होती है सार्वधीक नये मोनिटरो में .31 मिमी की डॉट पिच होती है डॉट पिच जितनी कम होती है तस्वीरे उतनी ही स्पष्ट दिखाई देती है .
 ◆ रिफ्रेश रेट - रिफ्रेस रेट दर्शाता है की किसी प्रदर्सित इमेज को कितनी बार अपडेट या रिफ्रेश किया जाता है अधिकतर मोनिटर 75 हर्ट्ज की दर से कार्य करते है इसका अर्थ है की कंप्यूटर प्रत्येक सेकंड में 75  बार रेफेश  जाते है रिफ्रेश रेट जितना अधीक होता है प्रदर्शित तस्वीरों की गुणवता उतनी ही अधीक होगी .सामान्य आकर के मोनिटर 15 , 17 ,19 ,21 ,और 24 इंच के होते है .
 ◆ एक्सेप्ट रेसियो - मोनिटर की चोड़ाई को इसकी ऊंचाई से विभाजित करके निर्धारित किया जाता है मोनिटरो के लिए सामान्य एक्सेप्ट रेसियो 4:3 और 16 :10 (वाइड स्क्रीन) होता है .

► Hard Copy Output Device (हार्ड कॉपी आउटपुट डिवाइस ) - हार्ड कॉपी उपकरण वे उपकरण होते है जो हमें स्थाई आउटपुट प्रदान करते है अर्थात इस प्रकार के आउटपुट को एक बार प्राप्त करने के बाद इ पॉवर बंद हो जाती है तो भी उसका उपयोग क्र सकते है इस प्रकार के उपकरण निम्न प्रकार से है -
 ◆ Printer (प्रिंटर ) - दोस्तों र का उपयोग सामान्यत हार्ड  कॉपी आउटपुट प्राप्त  के लिए किया जाता है सार्वधीक उपयोग में  जाने वाले प्रिंटर निम्न प्रकार है

⚫ Dot Matrix Printer - डॉट मेट्रिक्स प्रिंटर द्वारा प्रतेक अक्षर को डॉट के रूप में प्रिंट किया जाता है  इस कारण से इसे डॉट मेट्रिक्स प्रिंटर कहा जाता है इस प्रिंटर के हेड पिन के मेट्रिक्स की बनी होती है तथा मेट्रिक्स की साइज़  7,9,18,24 हो सकती है हेड स एपिन अक्षर की फॉर्म में आकार में डॉट के रूप में बहर निकलती है तथा अक्ष भी डॉट के रूप में प्रिंट होते है .
⚫ Inkjet Printer  -  इंकजेट प्रिंटर करेक्टर प्रिंटर तथा नॉन इंकजेट प्रिंटर होता है इसके हेड मे एक जेट लगा हुआ होता है तथा निचे की तरफ छोटे छोटे छिद्र् होते है जेट में स्याही भरी होती है इस प्रकार के प्रिंटर में रिबन का प्रयोग नहीं होता है तथा इसकी प्रिंटिंग क्वालिटी काफी अछि होती है .
⚫ Drum Printer  -  ड्रम प्रिंटर में हेड गोलाकार ड्रम के रूप में होते है जिस पर पूर्व परिभासित अक्षर छपे हुए होते है गोलाकार ड्रम अपने निस्चित स्थान पर घूमता रहता है अक्षर को प्रिंट करते वक़्त वह बहर निकलकर रिबन से और रिबन पेपर से टकराता है इसमें एक लाइन एक बार में प्रिंट होती है .
⚫ Laser Printer   -  लेजर प्रिंटर फोटो कोपी मशीन के सिधांत पर काम करता है इसमें लेज़र बीम द्वारा फोटो को डिडेक्ट किया जाता है डिडेक्ट की गयी फोटो ड्रम के सम्पर्क में आती है ड्रम पेपर के साथ घूमता है जिससे इंक पेपर पर अंकित होती है इसकी प्रिंटिंग क्वालिटी बहुत अछि  होती है  .
⚫ Plotter  -  प्लॉटर में प्रिंट करने के लिए इन्क्पेन या इंकजेट का प्रयोग किया जाता है इन्क्पेन व इंकजेट के रंग एक से अधिकं हो सकते है पेन या जेट को मोटर द्वारा चलाया जाता है प्लॉटर का प्रयोग अछि क्वालिटी की प्रिंटिंग करने के लिए किया जाता है इसमें मुख्यत लेखाचित्र ,चार्ट आदि को प्रिंट किया जाता है .

निष्कर्ष :

आज इस पोस्ट के माध्यम से आपने जाना की कंप्यूटर में इनपुट और आउटपुट सिस्टम क्या होता है और यह किस प्रकार काम करता है आशा करते है की आपको इनपुट और आउटपुट सिस्टम के बारे में अछे से समझ में आ गया होगा .
दोस्तों इस पोस्ट की जानकरी आप अपने सारे दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे जिससे और भी लोगो तक यह जानकारी पहुचे और दोस्तों आपको यदि इस पोस्ट में कोई परेशानी आई हो तो आप हमे कमेंट करे हम आपकी जरुर सहायता करेंगे
धन्यवाद 
Tally डाटा को  Excel से  केसे  link करे आइये जानते है /How To Link Tally Data Into Excel

Tally डाटा को Excel से केसे link करे आइये जानते है /How To Link Tally Data Into Excel

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Excel se Tally data kese link kare
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Dosto Tally With GST ke इससे pahli wali post me humne jaana ki Tally Data Ko Export Kese kare aasa karta hu ki aapko yeh post psand aayi hogi aur ab hum janenge ki Excel se Tally data kese link kare ODBC द्वारा Tally data ko M.S. excel me le jaane ke liye tally aur M.S. excel ko चरणबद trike se jodna hoga.Iske liye aap in steps ka use kre.

Tally data ko Excel se link karne se pahle hum yeh jaan lete h ki Tally me ODBC Server kya h Aaiye jaante h..

Tally me ODBC Server kya h
ODBC ka matlab open database connectivity se h.Yah ek programing language interface jiska use data ko aaps me ek dusre se link karne ke liye kiya jaata h.Tally.ERP9 me ODBC ka use Tally data ko kisi dusre application software per le jaane ke liye kiya jaata h.
Iske liye Tally me ODBC server aur aapke computer me MS-Query load hona आवश्यक h yadi Tally me ODBC server install h to Tally ke info panel me configration bhaag me ODBC Server likha hua hoga.Aiye ab hum jaante h ki ...

Excel se Tally data kese link kare

* Sabse phle Tally.ERP9 start kre.

* Aab us company ko select kre jiske data ko excel me import krna chahte h.yaha kewal ek hi company select honi chahiye.

* Microsoft excel open kare data menu me jaye aur From Other Sources icon pr click kre.yaha se From Microsoft Query option select kre.

* Is se data source dailogbox show hoga. 

* Yaha se Tally ODBC_9000* option select kre aur OK button per click kre.Is se query wizard ka coloum selection dialogbox show hoga.

* Yaha se Available tables and columns fild se related field select krke Columns in your query fild me le jaye.Is ke baad Next button pr click kre. Isse filter data query wizard dailogbox show hoga.

* Data ko filter krne ke baad Next button per fir se click kre. Isse sort order query wizard dailogbox show hoga.

* Is me data ka sort order set kre aur Next button per click kre. Isse query wizard ka finish dailogbox show hoga.

* Yaha se query ko save krne ke liye Save Query button per click kre.Isse save as dailogbox show hoga.Query ko save krne ke liye file ka name enter kre.Yaha se Return Data to Microsoft Office Excel option select krke Finish battan pr click kre.Isse import data dailogbox show hoga.

* Is me Tally data ko excel me import krne ka place(सेल व् शीट)निर्धारित  kre.Yadi aap tally data ko new worksheet pr import krna chahate h to new worksheet option select kre.Last me OK button per click kre .Isse tally data excel me import ho jayega.Yah data is prkar show hoga.

* Last me file ko save kre.

Excel Me Data Ko Upgrade Kese Kre:

 Tally data ko ODBC द्वारा excel me import krne ke baad aap file ko बंद kr de.Aur Tally me work krte rhe.Excel me telly data apne aap hi upgrade nahi hota.Is ke liye tally me only wahi company select kre jiske data ko excel me export kiya gaya h.

Ab excel se wahi file khole jisme tally data ko import kiya hua h.Yaha de data menu me jaye aur Refresh Data button pr click kre yaa Ctrl+Alt+F5 key ka use kre.Isse excel data apne aap hi upgrade ho jayega.Is prkar aap baar-baar tally data ko upgrade kr skte h.

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Thanks.